1817-1818 में अंग्ररेजो के साथ संधि एक नजर में
1.सर्वप्रथम 1781
ई. में जोधपुर के शासक विजयसिंह ने अंग्रेजों से संधि करने का प्रयास किया।
तत्पश्चात् 1786 ई. में जोधपुर महाराजा प्रतापसिंह एवं 1795
में कोटा के शासक ने भी मराठों के विरूद्ध अंग्रेजों से संधि करने का प्रयास किया, मगर
असफल रहे।
2.उत्तर भारत के राज्यों
में सर्वप्रथम भरतपुर के महाराजा रणजीतसिंह ने 29
सितम्बर, 1803 को अंग्रेजों के साथ संधि की।
3.नवम्बर 1803
में अलवर के शासक बख्तावरसिंह व दिसम्बर,
1803 में जयपुर के शासक
जगतसिंह ने भी अंग्रेज कम्पनी के साथ संधियाँ की। 1804
में धौलपुर के शासक कीरतसिंह ने भी कम्पनी के साथ संधि की। इन संधियों के समय
अंग्रेज कम्पनी का गवर्नर जनरल लार्ड वेलेजली था।
4.वेलेजली के
उत्तराधिकारी जार्ज बार्लों ने भरतपुर एवं अलवर के साथ हुई संधियों को छोड़कर शेष
राज्यों के साथ हुई संधियों को रद्द कर दिया।
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क्र.
सं.
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संधिकर्त्ता राज्य
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संधि
के समय शासक
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संधि
की तिथि
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अंग्रेज
कम्पनी को दी जाने वाली खिराज राशि
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1 |
करौली |
हरबक्षपालसिंह |
9 नवम्बर, 1817 |
खिराज से मुक्त |
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2 |
टोंक |
अमीर खाँ |
15 नवम्बर, 1817 |
- |
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3 |
कोटा |
उम्मेद सिंह |
26 दिसम्बर, 1817 |
2,44,700 रु |
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4 |
जोधपुर |
मानसिंह |
6 जनवरी, 1818 |
1,08,000 रु |
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5 |
उदयपुर |
भीमसिंह |
22 जनवरी, 1818 |
राज्य की आय का 1/4 भाग |
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6 |
बून्दी |
विसनसिंह |
10 फरवरी, 1818 |
80,000 रु. |
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7 |
बीकानेर |
सूरतसिंह |
21 मार्च, 1818 |
मराठों को खिराज नहीं देता था, इसलिए खिराज से मुक्त |
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8 |
किशनगढ़ |
कल्याणसिंह |
7 अप्रेल, 1818 |
खिराज से मुक्त |
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9 |
जयपुर |
जगतसिंह |
15 अप्रेल, 1818 |
संधि के प्रथम वर्ष कुछ नहीं, दूसरे वर्ष 4 लाख, चौथे वर्ष 6 लाख, पाँचवें वर्ष 7 लाख, छठें वर्ष 8 लाख फिर 8 लाख निश्चित। |
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10 |
जैसलमेर |
मूलराज |
2 जनवरी, 1819 |
मराठों को खिराज नहीं देता था, अतः खिराज से मुक्त। |
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11 |
प्रतापगढ़ |
सामन्तसिंह |
5 अक्टूबर, 1818 |
धार राज्य को दिया जाने वाला खिराज अब कम्पनी को। |
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12 |
डूँगरपुर |
जसवन्तसिंह द्वितीय |
1818 ई. |
धार राज्य को दिया जाने वाला खिराज अब कम्पनी को। |
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13 |
बाँसवाड़ा |
उम्मेदसिंह |
25 दिसम्बर, 1818 |
धार राज्य को दिया जाने वाला खिराज अब कम्पनी को। |
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14 |
सिरोही |
शिवसिंह |
11 सितम्बर, 1823 |
संधि के तीन वर्ष तक खिराज से मुक्त उसके बाद आय के प्रति रुपये पर छः आना। |
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15 |
झालावाड़ |
मदनसिंह |
10 अप्रैल, 1838 |
80,000 रु. वार्षिक। |

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